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और पढ़ेंपहचान, परंपरा और प्रश्न — आदिवासी समाज के सामने खड़ा एक संवेदनशील सच 15 फ़रवरी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया गया। यह हमारे हिंदू भाई-बहनों के लिए गर्व और आस्था का विषय है, और हम इसका सम्मान करते हैं। हर समुदाय को अपनी…
और पढ़ें"सरई के पत्तों में सजा न्योता" आज मेरे हाथों में जो न्योता आया, उसने मुझे रोक लिया। यह कोई छपा हुआ कार्ड नहीं था, न ही किसी मोबाइल पर आया संदेश। यह सरई के पत्तों में बँधा, हल्दी लगे चावल से भरा, और बाँस की प…
और पढ़ेंउराँव समाज का सोहराई पर्व — पशु, प्रकृति और मानव का पवित्र संगम भारत के आदिवासी समाजों में जितनी विविधता है, उतनी ही गहराई भी। इन्हीं में से एक प्रमुख समाज है — उराँव समाज, जिसकी संस्कृति प्रकृति, पशु और मनुष्य के बी…
और पढ़ेंउराँव समुदाय की पारंपरिक युवागृह परंपरा: जोंख़ एड़पा और पेल्लो एड़पा उराँव (कुड़ुख) जनजाति में पारंपरिक रूप से लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग युवागृह बनाए जाते थे जिन्हें क्रमशः जोंख़ एड़पा (लड़कों का डॉरमिटरी) और पेल्लो एड़पा…
और पढ़ें(लेखक: रोशन टोप्पो) विषाखा टोप्पो का संबंध उरांव (कूँड़ूख) आदिवासी समुदाय से है, जो झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ आदि में रहने वाली प्रमुख जनजातियों में से एक है। उनका परिवार सुंदरगढ़ जिले के राउरकेला में रहता है। पिता चार…
और पढ़ेंमिट्टी के घर में शिक्षा का दीपक: आदिवासी शिक्षिका मलती मुर्मू की प्रेरणादायक कहानी पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले की आदिवासी मलती मुर्मू ने अपने मिट्टी के घर को 45 से अधिक गांव के बच्चों के लिए निशुल्क स्कूल में बदल दिया है। अ…
और पढ़ेंमैं रोशन टोप्पो , ओड़िशा के एक आदिवासी समाज से जुड़ा एक सामान्य इंसान, अपने दिल से निकली बात आप सभी से साझा करना चाहता हूँ। हाल ही में मुझे सुंदरगढ़ ज़िले , लाठिकटा ब्लॉक के अंतर्गत बढ़ दलकी पंचायत के मूसापाली लेटाट…
और पढ़ेंलेखक - रोशन टोप्पो झारखंड के रांची जिले के सिरमटोली गाँव में स्थित केंद्रीय सरना स्थल आदिवासी समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह प्रकृति-पूजा की परंपरा पर आधारित सरना धर्म का एक प्रमुख केंद्र है। प्रत्येक वर्ष यहाँ …
और पढ़ेंख़द्दी परब: नवजीवन का उत्सव और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता ख़द्द यानी बच्चा! जंगल में जन्मे नये पौधे की तरह, नये जीवन की मासूमियत लिए हुए, हर चीज़ का नया अनुभव समेटे हुए। यह नयापन ही नवजीवन का प्रतीक है और इसी जीवन के उत्सव व संरक…
और पढ़ेंभैया बहिन मिली-झुली भैया बहिन मिली-झुली - 2 निंग्है हेदे बरेदम - 2 निंग्है खेड़ नोड़ागे बरेदम आयो गो - 2 एमागे चिके आशीर्वाद आयो गो - 2 लोटा नू अम्म लेले निंग्है हेदे बरेदम -2 निंग्है खेड़ नोड़ागे बरेदम आयो गो -2 एमागे चिके आशीर…
और पढ़ेंPuja Lakra: Global Tribal Queen 2022 & Tribal Queen World 2025 Puja Lakra's journey is a powerful example of how determination, hard work, and self-confidence can turn dreams into reality. Born in a triba…
और पढ़ेंरूपा आरा बंदरा गहि बेंजा लेखक - रोशन टोप्पो
और पढ़ेंओराओं (कुडुख) आदिवासी और सओंसर शब्द का गलत अर्थ ओराओं आदिवासी समाज भारत के प्राचीन और समृद्ध समुदायों में से एक है। इसकी संस्कृति, परंपरा और धर्म अद्वितीय हैं और हजारों वर्षों से इस समुदाय की पहचान को संजोए हुए हैं। लेकिन दुर्भा…
और पढ़ें..उराँव आदिवासी का समाज.. मैं रोशन टोप्पो , एक लेखक , कवि , शोधकर्ता और कुँड़ुख़ प्राइड (Kurukh Pride) वेबसाइट का संस्थापक हूँ। मेरा लेखन मुख्य रूप से आदिवासी संस्कृति , भाषा और इतिहास पर केंद्रित है। हिंदी , नागपुरी , सादरी …
और पढ़ेंउराँव जनजाति: इतिहास, संस्कृति और आधुनिक संघर्ष लेखक: श्री रोशन टोप्पो प्रकाशन वर्ष: 2025 भूमिका भारत की जनजातियाँ इस देश की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनमें से उराँव जनजाति अपनी अनूठी संस्कृति, परंपराओं…
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